Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को जितना अधिक समà¤à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करेंगे,उनकी बड़े होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उतनी ही अधिक मज़ेदार होगी! आपको आपके बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के कà¥à¤› पहलूओं को तेजी से समà¤à¤¨à¥‡ में हम आपकी सहायता के लिठहाज़िर हैं। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उनके दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के इरादे और कारण को समà¤à¤¨à¥‡ से शà¥à¤°à¥‚ होती है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खà¥à¤¶ करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें?
सबसे पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपने मां-बाप का और फिर परिवार के अनà¥â€à¤¯ सदसà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° चाहिठहोता है। बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¤²à¥‡ ही उसकी गलतियों पर डांट दें लेकिन कà¥à¤› अचà¥â€à¤›à¤¾ करने पर उसकी तारीफ करना à¤à¥€ न à¤à¥‚लें। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को हमेशा यह à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ रहेगा कि आप उससे कितना पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° करते हैं।
माता-पिता अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ रखने के लिठहर संà¤à¤µ कोशिश करते हैं लेकिन हर पेरेंट के लिठयह समठपाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ को कà¥â€à¤¯à¤¾ चीज सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤¶à¥€ देती है। पहली बार पेरेंटà¥à¤¸ बनने पर अकà¥â€à¤¸à¤° बचà¥â€à¤šà¥‡ की जरूरत को समà¤à¤¨à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है।
असल बात तो यह है कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं होता है और उनके दà¥à¤–ी होने या अजीब वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने के पीछे बहà¥à¤¤ सिंपल सा कारण होता है। छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को बस मां-पापा के पà¥â€à¤¯à¤¾à¤°, केयर और अटेंशन की जरूरत होती है। बड़े होने पर उनकी इन जरूरतों में कà¥à¤› और चीजें जà¥à¤¡à¤¼ जाती हैं।
अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को हमेशा ये à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ दिलाते रहें कि आप उनके साथ हैं। उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बताà¤à¤‚ कि उनकी हर मà¥à¤¶à¥à¤•िल में आपका सपोरà¥à¤Ÿ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मिलता रहेगा। इससे बचà¥â€à¤šà¤¾ खà¥à¤²à¤•र अपने मन की बात आपकाे बता पाà¤à¤‚गे।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपनी बातों से ये à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ करवाà¤à¤‚ कि वो आपसे अपनी हर तरह की परेशानी शेयर कर सकता है। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को टीà¤à¤¨à¤œ में होने वाली कई परेशानियों को ठीक तरह से हैंडल करने में मदद मिलेगी। यकीन मानिठआपके बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठआपका सपोरà¥à¤Ÿ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का मन बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होता है और छोटी-सी बात पर à¤à¥€ उनका दिल टूट जाता है। अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के दिल को पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° और दà¥à¤²à¤¾à¤° से à¤à¤° दें। सबसे पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपने मां-बाप का और फिर परिवार के अनà¥â€à¤¯ सदसà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° चाहिठहोता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¤²à¥‡ ही उसकी गलतियों पर डांट दें लेकिन कà¥à¤› अचà¥â€à¤›à¤¾ करने पर उसकी तारीफ करना à¤à¥€ न à¤à¥‚लें। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को हमेशा यह à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ रहेगा कि आप उससे कितना पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° करते हैं। जब à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¤¾ थोड़ा उदास दिखे, उसे गले लगाकर खूब पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° दें। इसके बाद आपको खà¥à¤¦ महसूस हो जाà¤à¤—ा कि पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से उसका मà¥à¤°à¤à¤¾à¤¯à¤¾ हà¥à¤† चेहरा कैसे खिल उठा है।
अगर पेरेंटà¥à¤¸ à¤à¤• साथ खà¥à¤¶ रहेंगे और दोनों के रिशà¥â€à¤¤à¥‡ में खूब पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° रहेगा, तो इससे बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥€ खà¥à¤¶ रहता है। मां के दà¥à¤–ी होने या रोने पर, बचà¥â€à¤šà¥‡ à¤à¥€ रोना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं इसलिठअगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ देखना चाहते हैं, तो पहले अपने रिलेशनशिप को खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² बनाने पर काम करें। पेरेंटà¥à¤¸ के खà¥à¤¶ रहने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ à¤à¥€ खà¥à¤¶ राहते हैं।
पेरेंटà¥à¤¸ तो हमेशा अपने बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की मदद के लिठदिन-रात खड़े रहते हैं लेकिन कई बार इतनी हेलà¥â€à¤ª काफी नहीं होती है। कई बार बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² हेलà¥â€à¤ª की जरूरत पड़ती है।
सà¥â€à¤•ूल में कोई बात होने, किसी बचà¥â€à¤šà¥‡ के परेशान करने, टीचर के डांटने या घर में ही किसी सदसà¥â€à¤¯ के चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª परेशान करने की वजह से बचà¥â€à¤šà¤¾ दà¥à¤–ी या उदास रह सकता है।
à¤à¤¸à¥‡ में सिरà¥à¤« पेरेंटà¥à¤¸ का साथ या हेलà¥â€à¤ª काफी नहीं होती है। अगर आपको अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ का उदास या दà¥à¤–ी रहना खटक रहा है, तो उसे डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°, काउंसलर या पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² के पास ले जाà¤à¤‚।
| --------------------------- | --------------------------- |